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सचेतन:बुद्धचरितम्-9 अभिनिष्क्रमण-3 (The Great Renunciation)

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मुक्ति की राह पर पहला कदम राजकुमार सिद्धार्थ ने दृढ़ निश्चय के साथ घोड़े की पीठ पर चढ़ते हुए सिंहनाद किया, "जब तक मैं जन्म और मृत्यु के चक्र का अंत नहीं देख लूँगा, तब तक मैं इस कपिलवस्तु नगर में वापस नहीं लौटूँगा!" उनकी इस प्रतिज्ञा को सुनकर देवता भी प्रसन्न हो उठे। स्वर्ग से देवताओं ने आकर उनकी राह को रोशन करने का निश्चय किया। कुछ देवताओं ने अग्निरूप धारण कर मार्ग में प्रकाश फैलाया, ताकि अंधकार उनकी यात्रा में बाधा न बने। रात की यात्रा, नई सुबह की ओर कन्थक अश्व पूरी शक्ति से दौड़ पड़ा। ऐसा लग रहा था जैसे वह हवा से बातें कर रहा हो। राजकुमार की धुन इतनी प्रबल थी कि एक ही रात में उन्होंने अनेकों योजन (यानी कई सौ किलोमीटर) की दूरी तय कर ली। वे तेजी से अज्ञात की ओर बढ़ रहे थे—मोह, बंधन और सांसारिक सुखों को त्यागकर एक नयी रोशनी, एक नये सत्य की खोज में। यह वही क्षण था जब राजकुमार सिद्धार्थ ने अपने भव्य जीवन, राजमहल की ऐश्वर्यता और सुख-सुविधाओं को छोड़कर आत्मज्ञान की राह पकड़ ली। आगे चलकर यही सिद्धार्थ गौतम बुद्ध के रूप में प्रसिद्ध हुए और संसार को ज्ञान और करुणा का मार्ग दिखाया। य...

सचेतन 3.03 : नाद योग: ॐ का महत्व

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नाद योग में ॐ का प्रयोग नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका हमारे विशेष नाद योग (योग विद्या) पर सचेतन के इस विचार के सत्र  में। आज हम एक ऐसे विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं जो न केवल आध्यात्मिक है बल्कि हमारे मन और शरीर के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। आज का विषय है - नाद योग में प्रार्थना ॐ से आरम्भ क्यों करते हैं। परिचय नाद योग एक प्राचीन भारतीय आध्यात्मिक पद्धति है जो ध्वनि और संगीत के माध्यम से आत्मज्ञान प्राप्त करने पर केंद्रित है। इसमें ध्वनि, संगीत, और मंत्रों का उपयोग किया जाता है ताकि मन को शांति और ध्यान की स्थिति में लाया जा सके। और जब हम नाद योग की बात करते हैं, तो ॐ का महत्व सबसे पहले आता है। लेकिन आखिर ॐ ही क्यों? इस प्रश्न का उत्तर हम आज विस्तार से जानेंगे। ॐ का महत्व ॐ, जिसे ओम या औम भी कहा जाता है, एक बीज मंत्र है जिसे संपूर्ण ब्रह्मांड की ध्वनि माना जाता है। यह तीन ध्वनियों से मिलकर बना है: 'अ', 'उ', और 'म'। ये तीन ध्वनियाँ मिलकर संपूर्णता का प्रतीक हैं और इन्हें तीनों लोकों - भूत, भविष्य और वर्तमान का प्रतिनिधित्व भी माना जाता है। 'अ' ध्वनि - स...