सचेतन- 52 वेदांत सूत्र: समाधान — मन की स्थिरता
“क्या आपका मन एक जगह नहीं टिकता? और क्या इसी वजह से शांति बार-बार टूट जाती है? Vedanta कहता है — मन को स्थिर करना ही समाधान है।” “आपने गौर किया है? मन कहीं और होता है… और हम किसी और काम में। यही अस्थिरता हमारा सबसे बड़ा दर्द है।” “षट्सम्पत्ति का आख़िरी गुण ‘समाधान’ — मन को एक जगह स्थिर कर देता है। यही स्थिरता ध्यान को गहरा बनाती है।” “नमस्कार दोस्तों, आज हम षट्सम्पत्ति के आख़िरी और सबसे महत्वपूर्ण गुण पर बात करेंगे — समाधान , यानी मन की स्थिरता। Vedanta कहता है — ‘जिसका मन एक जगह टिक जाए, उसका जीवन भी एक दिशा में चल पड़ता है।’” “एक बार एक शिष्य ने गुरु से पूछा— ‘गुरुदेव, मेरी ध्यान में शांति क्यों नहीं आती?’ गुरु ने कहा— ‘पहले मन को एक जगह बैठाना सीखो।’ फिर उन्होंने शिष्य को पानी से भरा गिलास दिया। पानी लगातार हिल रहा था। गुरु बोले— ‘जब तक पानी हिलता रहेगा, तुम अपनी परछाई साफ नहीं देख सकते। मन भी ऐसा ही है। जब तक स्थिर नहीं होगा— सत्य नहीं दिखेगा।’ शिष्य समझ गया— मन को स्थिर करना ही समाधान है।” Real-Life Application हम सबका मन आज ऐसा ही है: काम करते हैं, पर मन ...