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सचेतन: समझो ऑटिज़्म को – 2 अप्रैल का महत्व

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नमस्कार दोस्तों! "समझो और साथ चलो" – आज सचेतन की इस विचार के सत्र में हम बात करते हैं - जो आपको समाज के उन खास हिस्सों से जोड़ता है, जिनकी ज़रूरत है हमारी समझ, हमारा साथ। आज की तारीख है 2 अप्रैल, और आज हम बात करेंगे "वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे" की। क्या आपने कभी सोचा है कि ये दिन क्यों मनाया जाता है? क्या है ऑटिज़्म? और हमें इसके बारे में जागरूक क्यों होना चाहिए? ऑटिज़्म क्या है? ऑटिज़्म या ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) एक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है, यानी ये दिमागी विकास से जुड़ी होती है। इसमें व्यक्ति को दूसरों से बात करने, समझने और सामाजिक रिश्ते बनाने में दिक्कत हो सकती है। कुछ बच्चे बहुत शांत रहते हैं, कुछ ज़्यादा एक्टिव होते हैं। कुछ को तेज़ आवाज़ पसंद नहीं होती, तो कुछ को एक ही काम बार-बार करना अच्छा लगता है। हर ऑटिज़्म से जुड़ा बच्चा या बड़ा अलग होता है। 2 अप्रैल को ही क्यों? संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने साल 2007 में यह तय किया कि हर साल 2 अप्रैल को वर्ल्ड ऑटिज़्म अवेयरनेस डे मनाया जाएगा। इसका मकसद है - 👉 दुनिया भर के लोगों को ऑटिज़्म के बारे में जागरू...