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सचेतन, पंचतंत्र की कथा-38 : लोहे की तराजू और बनिए की कथा-2

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नमस्कार दोस्तों! स्वागत है आपका "सचेतन" के नए एपिसोड में। करटक ने दमनक को समझाते हुए कहा कि मूर्ख व्यक्ति अपनी कुबुद्धि और स्वार्थ के कारण अक्सर ऐसा कार्य कर बैठता है, जिससे दूसरों का नुकसान होता है और अंततः वह स्वयं भी नष्ट हो जाता है। उसने जोर दिया कि किसी भी उपाय को अपनाने से पहले उसके खतरों और परिणामों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। अधूरी योजनाएँ और मूर्खता हमेशा विनाश का कारण बनती हैं। इसी संदर्भ में, करटक ने एक नई कथा सुनानी शुरू की— "लोहे की तराजू और बनिए की कथा"। इस कहानी में जीर्णधन नाम का एक बनिया था, जिसे व्यापार में घाटा होने के कारण अपना नगर छोड़कर विदेश जाने का निर्णय लेना पड़ा। उसने सोचा कि जिस स्थान पर उसने कभी अभिमान और सुखपूर्वक जीवन बिताया हो, वहाँ गरीबी में रहना उचित नहीं। देसावर जाने से पहले उसने अपनी पुश्तैनी लोहे की तराजू एक सेठ के पास सुरक्षित रख दी। जब वह वर्षों बाद लौटा और अपनी तराजू मांगी, तो सेठ ने झूठ बोल दिया कि चूहों ने तराजू खा ली। जीर्णधन ने शांति और चालाकी से इसका उत्तर दिया, और अपनी सूझ-बूझ से सेठ के झूठ को पकड़ने के लिए एक योजना बन...

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-37 : लोहे की तराजू और बनिए की कथा

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हमने धर्मबुद्धि और पापबुद्धि की कथा और बगला, सांप और केकड़े की कहानी सुना और यह जाना कि किस तरह बिना सोचे-समझे कोई उपाय करना विनाश को आमंत्रित कर सकता है।जिस स्थान पर छोटी-छोटी बातें अनदेखी की जाती हैं और मूर्खता या दुष्टता को बढ़ावा दिया जाता है, वहाँ बड़ी-बड़ी समस्याएँ स्वतः ही उत्पन्न हो जाती हैं।  करटक ने आगे कहा: मूर्ख व्यक्ति का स्वभाव ही ऐसा होता है कि वह बिना परिणाम सोचे अपने स्वार्थ और कुबुद्धि के कारण दूसरों का अहित कर बैठता है। जैसे पापबुद्धि ने सोचा था कि उसकी चालाकी काम आएगी, परंतु उसने अपने पिता की जान जोखिम में डाल दी और खुद भी नष्ट हो गया।इसलिए यह आवश्यक है कि किसी भी उपाय के साथ उसके विघ्नों (खतरों) पर भी ध्यान दिया जाए। मूर्खता और अधूरी योजना हमेशा विनाश का कारण बनती है। इस प्रकार करटक ने दमनक को समझाया कि बुद्धिमान व्यक्ति को हर कदम सोच-समझकर उठाना चाहिए। और उसने लोहे की तराजू और बनिए की कथा शुरू किया।  किसी नगर में जीर्णधन नाम का एक बनिया रहता था। व्यापार में घाटा होने के कारण उसके पास धन कम हो गया था। उसने देसावर (विदेश) जाकर नया काम करने की योजना बनाई।...