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सचेतन- 02: मनुष्य जन्म: चेतना की उच्चतम अवस्था

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सचेतन का कार्यक्रम धार्मिक शिक्षा नहीं, बल्कि जीवन का दिशा–सूचक तारा है। यह हमें आलस्य, भ्रम और अज्ञान से मुक्त करके ज्ञान, कर्म और आत्मोन्नति की ओर ले जाता है। मनुष्य जन्म का आध्यात्मिक अर्थ क्या है? मनुष्यत्व केवल शरीर नहीं है, यह बुद्धि और विवेक से युक्त होने का अवसर है। मुमुक्षुत्व वह जिज्ञासा है जो हमें रोज़मर्रा के सुख–दुख से आगे ले जाकर सत्य की खोज करवाती है। महापुरुषों का संग वह मार्गदर्शन है जो अज्ञान के अंधकार से निकालकर आत्मज्ञान की ओर ले जाता है। मनुष्य जन्म कोई सामान्य बात नहीं है। यह परमात्मा का दिया हुआ एक विशेष अवसर है — स्वयं को जानने, जीवन के अर्थ को समझने और मोक्ष प्राप्त करने का। इसलिए — इस जीवन का सदुपयोग करो, सत्संग से जुड़ो और भीतर की यात्रा शुरू करो। मनुष्यत्व , मुमुक्षुत्व और महापुरुषों का संग — ये तीन चीज़ें भगवान के अनुग्रह से ही मिलती हैं। तो सबसे पहले बात करते हैं — मनुष्य जन्म की दुर्लभता । 🌿 मनुष्य जन्म: चेतना की उच्चतम अवस्था संसार के करोड़ों प्राणियों में, मनुष्य की संख्या बहुत कम है — पर उसकी योग्यता सबसे अधिक है। क्यों? क्योंकि केवल मनुष...