सचेतन 3.26: नाद योग: आत्म-साक्षात्कार
स्वयं को जानने की यात्रा नमस्कार श्रोताओं, और स्वागत है इस हमारे विशेष नाद योग (योग विद्या) पर सचेतन के इस विचार के सत्र में।और आज हम बात करेंगे एक ऐसे विषय पर, जो हमारे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा है—आत्म-साक्षात्कार, यानी स्वयं को जानने की यात्रा। आत्म-साक्षात्कार का मतलब है अपने असली स्वरूप को पहचानना, यह समझना कि हम केवल यह शरीर और मन नहीं हैं, बल्कि उससे कहीं अधिक हैं। यह एक ऐसी यात्रा है, जिसमें हम अपने भीतर झांकते हैं, अपनी आत्मा से जुड़ते हैं, और अपने वास्तविक अस्तित्व को समझते हैं। आत्म-साक्षात्कार क्या है? आत्म-साक्षात्कार का सीधा सा मतलब है—खुद को जानना। हम अक्सर अपने बारे में जो सोचते हैं, वह हमारे समाज, परिवार, और दुनिया से प्राप्त हुई धारणाओं पर आधारित होता है। लेकिन असली आत्म-साक्षात्कार तब होता है जब हम इन सब धारणाओं से परे जाकर अपने भीतर की गहराईयों को पहचानते हैं। यह वह क्षण होता है जब हमें अहसास होता है कि हमारा असली स्वरूप शुद्ध चेतना है—एक असीमित और अनंत अस्तित्व। आत्म-साक्षात्कार की यात्रा कैसे शुरू करें? ध्यान और प्राणायाम: ध्यान और प्राणायाम आत्म-साक्षात...