संदेश

WhoAmI लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सचेतन- 21: आपकी सबसे बड़ी गलती, जो आप रोज़ करते हैं

चित्र
नमस्कार… आप सुन रहे हैं “सचेतन”। आज का विषय है— आपकी सबसे बड़ी गलती, जो आप रोज़ करते हैं। आप सुबह उठते हैं… आईने में देखते हैं… और मन में आता है— “मैं मोटा हो रहा हूँ।” दिन भर के बाद कहते हैं— “मैं बहुत थक गया हूँ।” और भूख लगे तो— “मैं बहुत भूखा हूँ।” ये बातें इतनी सामान्य हैं कि हम सोचते भी नहीं। लेकिन ज़रा एक पल रुकिए… इन सब वाक्यों में जो “मैं” है… वो कौन है? क्या सच में आप मोटे होते हैं? क्या आप थकते हैं? क्या आप को भूख लगती है? आज हम इसी “मैं” की गलती पकड़ेंगे— क्योंकि यही गलती… हमारे तनाव, दुख, डर और असुरक्षा की जड़ है। और इसमें हमारी मदद करेंगे… आदि शंकराचार्य— “आत्मबोध” के एक गहरे सूत्र से। रोज़ की गलती क्या है? हम रोज़ क्या करते हैं? हम शरीर की बात को “मैं” बना देते हैं। मन की बात को “मैं” बना देते हैं। भावनाओं की बात को “मैं” बना देते हैं। शरीर बीमार… हम कहते हैं— “मैं बीमार।” मन उदास… हम कहते हैं— “मैं दुखी।” काम बिगड़ा… हम कहते हैं— “मैं बेकार।” और काम बन गया… तो— “मैं महान!” यानी शरीर-मन में जो भी होता है, हम उसे अपने ऊपर चिपका लेते हैं। और फिर हम ह...