सचेतन, पंचतंत्र की कथा-21 : कौओं के जोड़े और काले नाग की कथा-2
नमस्कार दोस्तों! आपका स्वागत है सचेतन के इस विचार के सत्र में में, जहाँ हम पंचतंत्र से अद्भुत और प्रेरणादायक कहानियाँ सुनते हैं। आज कल वाली कहानी जो कौओं के जोड़े और काले नाग की है, जो एक बरगद के पेड़ पर घटित होती है उसको आगे सुनते हैं।कहानी का सरल और समझने में आसान रूप: सियार ने अपनी बात को समझाने के लिए एक उदाहरण दिया। उसने बताया कि बड़ी, छोटी, और मझली मछलियाँ खाने के बाद एक बगला लालच में आकर एक केकड़े को पकड़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इसी लालच के कारण वह मारा गया। इस उदाहरण से सियार ने यह समझाने की कोशिश की कि लालच और बिना सोचे-समझे कोई काम करने से अंत में नुकसान होता है। इस दुनिया में जब संकट आता है तो सब कुछ जैसे नष्ट होने लगता है। बगले ने कहा, "जो लोग चन्द्रमा की स्थिति को समझकर रोहिणी नक्षत्र में शरण लेते हैं, वे अपने बच्चों को भी पकाकर खाने को मजबूर हो सकते हैं और सूर्य की किरणों को पानी की तरह पीने की कल्पना करने लगते हैं। इस तालाब में अब बहुत कम पानी बचा है और यह जल्द ही सूख जाएगा। जब तालाब सूख जाएगा, तो जिनके साथ मैंने अपना बचपन बिताया, खेला और बड़े हुए, वे सब पानी क...