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सचेतन 3.24 : नाद योग: वैष्णवी मुद्रा

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गुप्त रहस्य का अद्भुत ज्ञान नमस्कार श्रोताओं, और स्वागत है इस हमारे विशेष नाद योग (योग विद्या) पर सचेतन के इस विचार के सत्र  में। आज हम बात करेंगे वैष्णवी मुद्रा के बारे में, जिसे समस्त तन्त्र-शास्त्रों में गुप्त रहस्य के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह मुद्रा न केवल ध्यान और साधना का महत्वपूर्ण अंग है, बल्कि हमारे आध्यात्मिक विकास में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आइए, इस विषय पर गहराई से चर्चा करें। वैष्णवी मुद्रा का परिचय: वैष्णवी मुद्रा का अर्थ है वह मुद्रा जिसमें अन्तःकरण में लक्ष्य निहित हो और बाह्य दृष्टि निमेष-उन्मेष अर्थात् पलक झपकने से विहीन हो। इस मुद्रा को साधना में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है और इसे तन्त्र-शास्त्रों में गुप्त रहस्य के रूप में वर्णित किया गया है। वैष्णवी मुद्रा की विशेषताएँ: अन्तःकरण में लक्ष्य निहित: वैष्णवी मुद्रा में साधक का सम्पूर्ण ध्यान अन्तःकरण में निहित लक्ष्य पर केंद्रित होता है। यह ध्यान साधक को आत्म-साक्षात्कार और आत्मा की गहराईयों में प्रवेश करने में सहायक होता है। बाह्य दृष्टि निमेष-उन्मेष से विहीन: इस मुद्रा में साधक की बाहरी दृष...