आपकी असली शक्ति सूरज नहीं कुछ और है
सचेतन- 20: आपकी असली शक्ति सूरज नहीं कुछ और है आपकी असली शक्ति सूरज नहीं — कुछ और है सूरज… हम सब जानते हैं—धरती पर जीवन उसी की वजह से है। उसकी रोशनी, उसकी गर्मी… स्कूल से यही पढ़ते आए हैं। लेकिन आज एक सवाल पूछता हूँ— सूरज को देखने का अनुभव किसकी वजह से होता है? अगर आँखें खुली हों, रोशनी हो, लेकिन देखने वाला न हो— तो क्या सूरज का कोई मतलब बचेगा? आज हम उसी शक्ति की बात करेंगे— जो सूरज से भी ज़्यादा बुनियादी है। वो शक्ति बाहर नहीं… आपके भीतर है। बाहरी शक्ति का भ्रम सूरज एक महान शक्ति है—इसमें कोई शक नहीं। उसी से पेड़-पौधे उगते हैं, नदियाँ बहती हैं, मौसम चलते हैं। और हमारी आदत बन गई है— शक्ति बाहर ढूँढने की। ऊर्जा चाहिए—तो भोजन। रोशनी चाहिए—तो बिजली। सुरक्षा चाहिए—तो पैसा। सम्मान चाहिए—तो पद। हम मान लेते हैं— मेरी ताकत बाहर है। लेकिन बाहर की हर शक्ति सीमित है। सूरज भी रोज़ ढलता है। पैसा भी आता-जाता है। तारीफ भी बदल जाती है। फिर भी… हम भीतर झाँकते ही नहीं। अनदेखी शक्ति का सवाल अब एक छोटा सा सवाल… जब आप सूरज देखते हैं— तो देखने वाला कौन है? जब कोई आवाज़ सुनते हैं— त...