सचेतन 3.23 : नाद योग: सिद्धासन
नियमित अभ्यास मन और शरीर को शुद्ध करता है नमस्कार श्रोताओं, और स्वागत है इस हमारे विशेष नाद योग (योग विद्या) पर सचेतन के इस विचार के सत्र में। सिद्धासन ध्यान और साधना के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। सिद्धासन की सामान्य विधि: दण्डासन में बैठना: सबसे पहले एक साफ और शांत स्थान पर योगा मैट बिछाएं और दण्डासन में बैठ जाएँ। दण्डासन में बैठने के लिए पैरों को सामने की ओर सीधा रखें और हाथों को शरीर के दोनों ओर रखें। बाएँ पैर की स्थिति: बाएँ पैर को मोड़कर उसकी एड़ी को गुदा और उपस्थेन्द्रिय के बीच इस प्रकार से दबाकर रखें कि बाएं पैर का तलुआ दाएँ पैर की जाँघ को स्पर्श करे। दाएँ पैर की स्थिति: अब दाएँ पैर को मोड़कर उसकी एड़ी को उपस्थेन्द्रिय (शिशन) के ऊपर इस प्रकार दबाकर रखें कि दाएँ पैर का तलुआ बाएँ पैर की जाँघ को स्पर्श करे। हाथों की स्थिति: दोनों हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रखें। ज्ञान मुद्रा के लिए, अपने हाथ की तर्जनी उंगली को अंगूठे के साथ मिलाएं और बाकी उंगलियों को सीधा रखें। रीढ़ की हड्डी सीधी रखें: ध्यान रहे कि आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहे। इससे ध्यान केंद्रित करने में मदद मि...