सचेतन 3.28 : नाद योग: ॐ की शक्ति
सृष्टि की मूल ध्वनि नमस्कार श्रोताओं, और स्वागत है इस हमारे विशेष नाद योग (योग विद्या) पर सचेतन के इस विचार के सत्र में।और आज हम बात करेंगे उस शक्तिशाली ध्वनि के बारे में, जो न केवल हमारी आध्यात्मिक यात्रा का आधार है, बल्कि पूरी सृष्टि का मूल भी है—ॐ की शक्ति। ॐ का महत्व ॐ, जिसे प्रणव मंत्र भी कहा जाता है, वह ध्वनि है जिसे ब्रह्मांड का आदिम और मूल स्वर माना गया है। यह वह ध्वनि है जिससे सृष्टि की उत्पत्ति हुई, और यही ध्वनि पूरी सृष्टि में व्याप्त है। जब हम ॐ का उच्चारण करते हैं, तो हम उस ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ जाते हैं, जो हमें शक्ति, शांति, और संतुलन प्रदान करती है। "प्रणव" शब्द संस्कृत से आया है, और इसका मूल अर्थ होता है "वह जो नाद से उत्पन्न हुआ हो।" यह ध्वनि न केवल ब्रह्मांड की उत्पत्ति का प्रतीक है, बल्कि समस्त सृष्टि में व्याप्त ऊर्जा और शक्ति का भी प्रतीक है। ॐ की शक्ति शारीरिक और मानसिक शांति: ॐ का उच्चारण हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह मन को शांत करता है और शरीर की ऊर्जा को संतुलित करता है। जब हम ॐ का जाप करते हैं, तो हमें...